नीट यूजी परीक्षा के परिणाम को लेकर उठ रहे सवालों के संबंध में एनटीए ने सफाई दी है। नीट यूजी, मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा है, जिसका परिणाम 4 जून को जारी किया गया था। परिणाम जारी होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर इसमें गड़बड़ी की बात उठाई गई थी। सवाल था कि 67 परीक्षार्थियों के 720 में से 720 नंबर कैसे आए। इसका जवाब एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दिया।

एनटीए ने 4 जून 2024 को घोषित नीट यूजी 2024 परिणाम पर उठाए गए प्रश्नों के संबंध में लिखा कि नीट यूजी 2024 परीक्षा 5 मई 2024 को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में करीब 24 लाख कैंडिडेट्स ने 4750 केंद्रों पर परीक्षा दी थी। एनटीए ने कहा कि परीक्षा की हर साल की कट ऑफ सभी कैंडिडेट के प्रदर्शन पर निर्भर करती है। इस साल की अधिक कट ऑफ परीक्षा की प्रतिस्पर्धी प्रकृति को दर्शाती है। पिछले कई सालों की कट ऑफ और परीक्षा पास करने के लिए न्यूनतम अंकों की जानकारी भी दी गई है।

एनटीए ने बताया कि कुछ कैंडिडेट्स को समय बर्बाद होने के एवज में कंपन्सेटरी मार्क्स या अतिरिक्त अंक दिए गए थे। कुछ रिट पिटीशन दिल्ली, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दायर की गई थीं, जिनमें कुछ केंद्रों में नीट यूजी 2024 परीक्षा में पूरा समय ना मिल पाने की बात की गई थी। इसके बाद एक कमेटी का गठन किया गया, जिसने सीसीटीवी फुटेज की मदद से समय ना मिल पाने की बात की जांच की। हाई कोर्ट के सुझाए फार्मूले के अनुसार कैंडिडेट्स को अंक दिए गए। कंपन्सेटरी मार्क्स दिए जाने के बाद कैंडिडेट्स के अंक 20 से 720 के बीच रहे, जिनमें से दो कैंडिडेट्स के अंक 718 और 719 हो गए।

एनटीए ने 67 कैंडिडेट्स को 720 में से 720 अंक मिलने के सवाल पर भी सफाई दी। एनटीए ने कहा कि 2023 में कुल 20,35,196 कैंडिडेट्स ने परीक्षा दी थी, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 23,13,297 हो गई। कैंडिडेट्स की संख्या बढ़ने के कारण स्वाभाविक रूप से अधिक लोग अधिक अंक लेकर आए। फिजिक्स की उत्तर कुंजी पर उठाए गए सवाल पर एनटीए ने कहा कि फिजिक्स की प्रारंभिक उत्तर कुंजी पर 13,377 आपत्तियां दर्ज करवाई गई थीं, जो नई और पुरानी एनसीईआरटी की किताबों के अंतर के चलते हुआ था। इसलिए विषय से जुड़े जानकारों ने एक सवाल में दो उत्तर सही माने। 720 में से 720 अंक पाने वाले 67 कैंडिडेट्स में से 44 को फिजिक्स की उत्तर कुंजी में इस बदलाव के चलते अंक मिले हैं, वहीं इनमें से छह को पूरा समय ना मिलने के चलते कंपन्सेटरी मार्क्स दिए गए हैं।

एनटीए ने कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर कदम उठाए गए हैं। कई मामलों में एनटीए ने राज्य पुलिस में केस दर्ज कराए हैं और जांच एजेंसियों की मदद भी ली है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी प्रतिक्रिया देते हुए गड़बड़ी की आशंका जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि समय से पहले परिणाम घोषित किए गए और जो अंक नहीं आने चाहिए थे, वो आए। इस पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, क्योंकि लाखों बच्चों का भविष्य इस पर निर्भर है।

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