माननीय कलेक्टर महोदय के आदेशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अतुल परिहार सर के निर्देशानुसार, मिशन वात्सल्य योजना के तहत जिले में जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य बालकों और किशोरियों के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें उनके अधिकारों के बारे में जानकारी प्रदान करना है। इस अभियान में किशोर न्याय अधिनियम 2015, पाक्सो अधिनियम 2012, बाल विवाह रोकथाम, चाइल्ड लाइन 1098 और बाल विवाह अधिनियम 2006 के तहत विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जा रही है।
इसी कड़ी में प्रशिक्षक श्री बीरेंद्र तिर्की और श्री सुशील यादव के द्वारा सीतापुर विकासखण्ड के ग्राम बमलाया, सोनतराई और रजपुरी के स्कूलों में एक जन जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से बाल विवाह की रोकथाम और इसके लिए लोगों को जागरूक करना था। साथ ही, मिशन वात्सल्य योजना द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके और वे बच्चों के कल्याण के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर सकें।
अभियान के दौरान प्रशिक्षकों ने किशोर न्याय अधिनियम 2015, पाक्सो अधिनियम 2012, और बाल विवाह अधिनियम 2006 के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि यह एक कानूनी अपराध भी है। बाल विवाह अधिनियम 2006 के तहत किसी भी लड़की की 18 साल से पहले और लड़के की 21 साल से पहले शादी को कानूनी अपराध माना जाता है। इस कानून के तहत ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है।
प्रशिक्षकों ने यह भी बताया कि यदि किसी को बाल विवाह होने की जानकारी मिलती है, तो उसे तुरंत चाइल्ड लाइन 1098 पर सूचना देनी चाहिए। चाइल्ड लाइन एक हेल्पलाइन सेवा है, जो बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करती है। चाइल्ड लाइन 1098 पर कॉल करने से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है और उनके अधिकारों का उल्लंघन होने से पहले उसे रोका जा सकता है।
अभियान में यह भी बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद हानिकारक है। यह बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य के अवसरों से वंचित करता है और उनके जीवन को अंधकारमय बना देता है। इस संबंध में गांववासियों को बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया और उन्हें यह समझाया गया कि वे बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाएं और इसके लिए तत्पर रहें।
अंत में, प्रशिक्षकों ने गांववासियों से यह अपील की कि वे बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के लिए मिशन वात्सल्य योजना का हिस्सा बनें और बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ सामूहिक प्रयास करें।
इस प्रकार, इस जन जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई गई और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक कदम उठाया गया।