अंबिकापुर : अंबिकापुर स्थित घुनाघुट्टा फोर्ट सैर-सपाटे के शौकीन लोगों के मनपसंद स्थान में से एक है। यहां बोटिंग की सुविधा लोगों के लिए विशेष आकर्षण है। शहर के पास होने की वजह से बचे हुए दिनों में लोग अपने दोस्तों और परिवार के साथ बड़ी संख्या में शामिल हैं। घुनाघुट्टा की वेबसाइट लोगों का पसंदीदा घाट होने के साथ ही जय मां दुर्गा स्व सहायता समूह की महिलाओं की खरीदारी का जरिया भी है। सरगुजा जिले में ऐसी महिलाएं कई हैं,पूवाहे बिहान की मदद से सफलता की इबारतें लिखते हैं। दोस्ती में से एक हैं जय दुर्गा महिला समूह की ओर से प्रशिक्षण एवं सहायता प्राप्त कर घुन्घुट्टा मैगपाई में नौका संचालन का कार्य शुरू हो गया। ग्रुप की महिला सुमिता दीदी ने बताया कि बिहान से जुड़ने के बाद हमें कई तरह के आपराधिक हमलों के बारे में बताया गया, जिसमें से समुद्री डाकू ऑपरेशन का काम दिलचस्प लगा, हम सभी महिलाओं ने उत्सुकता के साथ काम करने का निर्णय लिया। प्रशासन की मदद से ग्रुप को बोट मिल गई, जिससे आने वाले लोगों को शामिल करने के लिए बॉटिंग का काम शुरू हो गया।
घुनाघुट्टा की जानकारी में सायर-सपाटे के साथ बोटिंग का आनंद लेने की हिम्मत वाले लोग हैं-
अंबिकापुर शहर के पास सार्वभौम के साथ घूमने के लिए घुन्घुट्टा फोरम एक अच्छा विकल्प है। सुमिता दीदी बताती हैं कि हमारे पास अभी 8 सीटर एक नाव है। वीडियो क्लिप 100 रुपये एवं बच्चों के लिए 50 रुपये तय की गई है, जिससे सीजन में रोजाना 7 से 8 हजार तक की कमाई होती है। छुट्टियों के दिनों, त्योहारों और रविवार जैसे दिनों में ज्यादातर हलचल रहती है, तो कमाई भी अच्छी होती है। उन्होंने बताया कि मौसम के अनुसार समय तय कर बोटिंग की जाती है।
- महिलाओं ने बताया कि नाव में बैठने से लेकर जैकेट पहनने तक की सुरक्षा के लिए नाव में लोगों की नजर रखी जाती है। नाव की मशीन की लगातार जांच, फूल आदि का पूरा ध्यान रखा जाता है, इसमें चप्पू भी रखा जाता है। ग्रुप द्वारा नाव की व्यवस्था के लिए एक ड्राइवर को रखा गया है। बिहान से मिली मदद के लिए महिलाओं ने दिया शासन-प्रशासन का धन्यवाद-
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण उत्पाद मिशन के तहत मिल सहायता से महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार लाया गया है। वहीं परिवार, समाज में भी मान-सम्मान को बढ़ावा मिलता है। महिलाओं ने बताया कि बिहान से जुड़ने से पहले हम घरेलू काम में ही रहती थीं, लेकिन इस काम से हम महिलाओं को एक अलग पहचान मिली है।