सूरजपुर जिला अस्पताल में बेड की भारी कमी देखने को मिल रहा है,, जहां एक बेड में ही दो मरीजों का ईलाज चल रहा हालात ऐसा बना हुवा है की हॉस्पिटल वार्ड के गैलरी में ही मरीजों के लिए बेड लगा दिया गया,है, दरअसल मौसमी बीमारी के कारण जिले के दूर दराज से रोजाना सैकड़ो लोग ईलाज के लिए जिला अस्पताल पहुँचते है हालात ऐसे बन गया है की मरीज ज्यादा बेड कम पड़ गए है एक बेड में दो मरीज़ो के इजाल होने से वहा काफी नाराज दिख रही है उनका कहना है

की दोनों के बीमारी अलग अलग फिर भी एक बेड में ड्रिप लग रहा है हम बोले भी अलग बेड दिया जाए पर वह बोले नही है मजबूरी में हमें एक साथ इलाज कराना पड़ रहा है अलग अलग बीमारियों के मरीजों के एक साथ इलाज होने से बीमारी फैलने का भी खतरा बन रहा है,,जिससे मरीज भी चिंता में हैं,, वहीं डॉक्टर का कहना है की इस सीजन में मरीज की संख्या बढ़ जाती है इसलिए ऐसे एक बेड पर दो मरीज एडजर्स्ट करना पड़ रहा है

पर सवाल यह खड़ा होता है की जब मौसमी बीमारी में ऐसे हालात बन जाते है तो प्रबंधन इसकी तैयारी पहले से क्यों नहीं करती है जब कि अभी प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ते जा रहे हैं ऐसे में अगर एक बेड में दो मरीजों की इलाज किया जाएगा तो संक्रमण को बढ़ावा मिलेगा वही अलग अलग बीमारियों के मरीजों के एक बेड में रखने से मरीजों को अन्य बीमारी का खतरा बढ़ेगा,, रहता की बात है अभी तक जिले में एक भी स्वाइन फ्लू के मामले नही मिले है वहीं स्वास्थ्य विभाग में उससे निपटने के तैयारी पूरी कर ली है।

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