जशपुर। जशपुर पुलिस ने विनायक होम्स एंड रियल स्टेट प्राइवेट लिमिटेड  चिटफंड कंपनी के फरार डायरेक्टर जितेंद्र बीसे  को इंदौर (मध्य प्रदेश)  से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने छत्तीसगढ़ के आठ जिलों जशपुर, सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायपुर और बलौदाबाजार में 11,396 निवेशकों से कुल 54.38 करोड़ रुपये की ठगी  की थी। गिरफ्तारी के डर से जितेंद्र बीसे  अपनी पहचान छिपाकर और हुलिया बदलकर इंदौर में रह रहा था। लेकिन जशपुर पुलिस की विशेष टीम ने काफी मशक्कत के बाद साइबर सेल की मदद से  उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली और घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

दरअसल आपको दे की इस मामले में पहले ही आरोपी  फूलचंद बीसे  और युवराज मालाकार  को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कालू सिंह वर्मा और योगेंद्र बीसे अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है।

जशपुर के 792 निवेशकों से 1.60 करोड़ की ठगी

आरोपी जशपुर जिले के 792 निवेशकों से 1.60 करोड़ रुपये की ठगी  में शामिल था। ठगी के शिकार लोगों में गरीब, किसान, मजदूर और छोटे व्यवसायी शामिल हैं, जिन्हें तीन गुना रिटर्न और हर साल 25,000 रुपये का बोनस देने का झांसा देकर निवेश कराया गया था। आरोपी के खिलाफ  थाना सिटी कोतवाली जशपुर में अपराध क्रमांक 52/18और थाना फरसाबहार में अपराध क्रमांक 29/17  के तहत धारा 420, 120 और छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हित संरक्षण अधिनियम की धारा 10 के तहत केस दर्ज है।  जितेंद्र बीसे के खिलाफ रायपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार समेत कई जिलों में ठगी के मामले दर्ज हैं।

जशपुर के एसएसपी शशि मोहन सिंह  के निर्देश पर एएसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम इंदौर भेजी गई थी। टीम ने कई दिनों की निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इन कंपनियों का भी डायरेक्टर है आरोपी

1. विनायक ग्लोबल इंफोमीडिया प्राइवेट लिमिटेड
2. वाया बिल्डर एंड डेवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड
3. विशेष इंफ्राबिल्ड लिमिटेड
4. एस एंड एल लिविंग मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड
5. श्री ओम फाइनेंस इंडिया लिमिटेड
6. विनायक होम्स एंड रियल एस्टेट लिमिटेड
7. उत्तम नेट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर  शशि मोहन सिंह द्वारा कहा गया है कि चिटफंड कंपनी के 03 डायरेक्टर को गिरफ्तार किया जा चुका है, 02 फरार आरोपियों की संपत्ति का चिन्हांकन कर विस्तृत विवरण एकत्रित किया जा रहा है, तत्पश्चात संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया प्रारंभ की जावेगी।

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