महासमुंद। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुशासन तिहार का आयोजन प्रथम चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक राज्य के प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करना था। इसके लिए सरकार की ओर से व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन दे सकें।

हालांकि, महासमुंद जिले के पटोरा विकासखंड अंतर्गत छिबर्रा गांव की ग्राम पंचायत से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए। गांव के लोगों ने सुशासन तिहार के दौरान ही प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी को हटाने की मांग करते हुए एक आवेदन सौंपा, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार ने चुनाव से पहले 57,000 शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी। इसके बाद लोकसभा चुनाव से पूर्व 33,000 शिक्षकों की भर्ती की बात दोहराई गई, लेकिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा शिक्षक भर्ती की फाइल को रोक दिया गया और प्रक्रिया को मंजूरी नहीं दी गई। इससे नाराज ग्रामीणों ने सीधे वित्त मंत्री को हटाने की मांग कर डाली।

अब देखना यह होगा कि प्रदेश सरकार इस वायरल होते आवेदन पर क्या रुख अपनाती है और क्या वाकई सुशासन तिहार के मंच से उठी यह आवाज़ किसी ठोस फैसले की ओर बढ़ती है या नहीं

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