अंबिकापुर: सरगुजा की आराध्य देवी मां महामाया मंदिर पूरे छत्तीसगढ़ में विख्यात है। लोग मंदिर पहुंचकर मां महामाया के विभिन्न रूपों का दर्शन करते हैं। लेकिन अब इस मंदिर को लेकर राजनीति चर्चा का विषय बन गई है। नगरीय निकाय चुनाव से पहले अंबिकापुर के मां महामाया मंदिर प्रवेश द्वार को लेकर सियासत तेज है। सरगुजा वासियों की मांग पर पूर्व सरकार ने 49.30 लाख रुपए अंबिकापुर नगर निगम को दिए थे। प्रवेश द्वार बनाने के समय भी भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीति देखने को मिली थी। अब जब प्रवेश द्वार बन चुका है, तो श्रेय लेने की होड़ मची है। 7 जनवरी को पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव ने प्रवेश द्वार का लोकार्पण किया था। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आधे अधूरे बने प्रवेश द्वार का लोकार्पण किया। आज भाजपा के वन मंत्री केदार कश्यप, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, नगर निगम और प्रशासन की टीम ने फिर से प्रवेश द्वार का लोकार्पण किया। कांग्रेस नेता भाजपाइयों पर श्रेय लेने का आरोप लगा रहे हैं।
22 मार्च 2023 को प्रवेश द्वार का ड्राईग डिजाईन बनाकर निगम ने शासन का भेजा.27 सितंबर 2023 को टीएस सिंहदेव के द्वारा प्रवेश द्वार का शिलान्यास किया गया.राज्य शासन ने इस कार्य के लिए 49.30 लाख की स्वीकृति दी थी। राजस्थानी शैली में बने इस प्रवेश द्वारा की ऊंचाई 25 फ़ीट एवं चौडाई 50 फ़ीट की है.बरहाल माँ महामाया प्रवेश द्वार पर जहां राजनीति हों रहीं है वहीं दूसरी तरफ भाजपा और कांग्रेस के नेता शहर सरकार बनाने के लिए लोकार्पण कर अपना अपना श्रेय लेना चाहती हैं लेकिन देखने वाली बात होंगी कि इस राजनीति का किसको कितना फायदा होगा.
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा की श्रेय लेने की होड़ में आधे अधूरे प्रवेश द्वार को कॉग्रेस ने लोकार्पण कर दिया ओ जानते है की दुबारा अंबिकापुर के निगम सरकार में नहीं आने वाले वही कॉग्रेस ने कहा की भाजपा धार्मिक आस्था पर राजनीती कर रही है