अंबिकापुर। सूरजपुर के ट्रांसपोर्टर संजय सिंह पर जानलेवा हमले के फरार आरोपियों की तलाश में जुटी सरगुजा पुलिस को महत्त्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी है। पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि घटना बाद दोनों आरोपी अपने माता-पिता के साथ फरार हुए हैं। उन्हें भगाने में ब्रम्ह रोड अंबिकापुर निवासी क़रीबी दोस्त और विश्वासपात्र नौशाद शमशाद मलिक की भूमिका है। उसी ने अपनी कार आरोपियों को दी है। पुलिस अब नौशाद की भी तलाश कर रही है। आरोपी बिलासपुर में अपनी बहन के घर छुपे थे।
पुलिस की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि अब तक की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी वसीम फिरोज और वसीम कुरैशी, अपने माता-पिता के साथ हादसे के बाद अंबिकापुर शहर से फरार हो गए थे। अंबिकापुर से फरार होने के बाद बिलासपुर के मंगला चौक स्थित शुभम विहार कालोनी में अपनी बहन के घर पर ठहरे थे।पुलिस टीम ने इन गतिविधियों से जुड़े सीसीटीवी फुटेज एकत्रित किए हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने बताया कि किया सेल्टोस कार से सभी फरार हुए हैं। यह कार आरोपी वसीम कुरैशी के क़रीबी दोस्त और विश्वासपात्र नौशाद शमशाद मलिक (निवासी ब्रह्म रोड, अंबिकापुर) की थी। इसी कार का उपयोग भागने में किया गया था। आरोपियों को भगाने में नौशाद शमशाद मलिक की महत्वपूर्ण भूमिका रही, क्योंकि उसने अपनी गाड़ी उपलब्ध कराई है। वर्तमान में उसके दोनों मोबाइल फ़ोन स्विच आफ है। खरसिया नाका स्थित उसकी दुकान व घर दोनों बंद हैं। पुलिस अभी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस की ओर से दावा किया गया है कि आरोपियों की शीघ्र गिरफ़्तारी कर ली जाएगी।