अंबिकापुर। गरीब और आम जनता के लिए शुरू की गई सरकार की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत अब लूट-खसोट का जरिया बन चुकी है। अंबिकापुर के बनारस रोड स्थित गोयल अस्पताल में बड़ा घोटाला सामने आया है। आरोप है कि यहां एजेंट गांव-गांव से लोगों को अस्पताल लाते हैं, उनका आधार कार्ड नंबर और अंगूठे का निशान लेकर बेड पर लिटाकर तस्वीर खींची जाती है। इसके बाद आयुष्मान कार्ड से इलाज का फर्जी क्लेम बनाकर मोटी रकम वसूली जाती है।

पीड़ितों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज से ज्यादा धंधा चल रहा है। विरोध करने वालों को धमकाया भी जाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे यह खेल चल रहा है, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं है या फिर सबकुछ जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है।

इस मामले पर जब आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी से सवाल किया गया तो उन्होंने बड़ा खुलासा किया कि गोयल अस्पताल योजना में रजिस्टर्ड ही नहीं है। पहले यहां SR अस्पताल* संचालित होता था। अधिकारी ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है।

गौरतलब है कि प्रदेशभर के निजी अस्पताल 1 अगस्त से भुगतान रोकने के विरोध में आयुष्मान योजना का इलाज बंद करने की चेतावनी दे चुके हैं। ऐसे में अंबिकापुर का यह मामला स्वास्थ्य विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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