अंबिकापुर। शहर में मटन प्रेमियों की थाली में परोसा जा रहा मटन आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकता है। जिम्मेदार विभाग की घोर लापरवाही का खुलासा हुआ है। प्रतापपुर नाका स्थित नगर निगम के पशु वध केंद्र पर रोजाना पशु चिकित्सक की मौजूदगी अनिवार्य है, ताकि बाजार में बिकने वाले बकरों के मटन की जांच हो सके। लेकिन चौंकाने वाली हकीकत यह है कि पिछले एक साल से बकरों की चिकित्सकीय जांच नहीं हो रही।

जानकारी के मुताबिक नगर निगम कर्मचारी प्रति पशु 25 रुपए लेकर बिना जांच किए ही मटन पर सील ठप्पा लगा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुकानदारों और निगम कर्मचारियों की मिलीभगत से बिना जांच का मटन खुलेआम बाजार में बेचा जा रहा है। यह लापरवाही लोगों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ है।

पशु चिकित्सा विभाग के रिकॉर्ड में हर दिन डॉक्टर की ड्यूटी दर्ज है, लेकिन डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं रहते। उप संचालक ने खुद माना कि बीमार बकरे का मटन खाने से खतरनाक संक्रमण फैल सकता है। इसके बावजूद विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

नगर निगम की प्राथमिकता भी जांच के बजाय राजस्व वसूली तक सीमित दिख रही है। कर्मचारी खुद को डॉक्टर बनकर सील ठप्पा लगा रहे हैं और बिना असली जांच के मटन बाजार तक पहुंच रहा है। सवाल उठता है कि नगर निगम और पशु विभाग कब जागेंगे और अंबिकापुर की सेहत को खतरे में डालने का यह सिलसिला आखिर कब रुकेगा।

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