जगदलपुर। कहते हैं प्यार की कोई उम्र नहीं होती और शादी के लिए भी कोई उम्र का बंधन नहीं होता है।जीवन के अंतिम पड़ाव के लिए हर किसी को एक साथी की जरूरत होती है .जो प्यार को संजोकर दूसरे का ख्याल रखें और एक दूसरे का साथ निभाते रहे. एक ऐसा ही मामला जगदलपुर में देखने को मिला है जब 70 साल के तराय डेनियल तनकचंद और 62 साल की अन्नम्मा जोसेफ एक दूजे के हमेशा हमेशा के लिए हो गए और विवाह के पवित्र बंधन में बंधने के लिये कलेक्टर दफ्तर पहुँचे, जहाँ अपर न्यायालय में विवाह करने के लिए अर्जी दे दी…फीर क्या था इस हँसमुख जोड़े ने कोर्ट मैरिज कर लिया और हमेशा के लिए एक दूसरे का साथ देने का वचन भी ले लिया है यह खूबसूरत जोड़ा अपने परिवार की सहमति से एक दूजे के लिए हो गया है।
पहले हुई मुलाकात, फिर हुआ प्यार और रचाई शादी
दरअसल 70 साल के तरयाल डेनियल की पत्नी की कोरोना काल में मौत होने के बाद वे अकेले हो गए थे ..और अपने दो पुत्रों का विवाह भी करवा दिया था ..और दोनों पुत्रों ने शादी करने के बाद पिता को अकेला छोड़कर विदेश में सेटल हो गए थे,70 साल के तरायल डेनियल अपनी जिंदगी से उदास होकर अकेले रह गए थे ,तभी डेनियल की मुलाकात 62 साल की अन्नमा जोसफ से हुई और अन्नमा ने भी अपने शराबी पति से तलाक ले लिया था और अपनी 2 पुत्रीयो का विवाह करने के बाद वह भी अकेले रहने लगी थी…. तभी दोनों की मुलाकात हुई और बातें हुई इसके बाद दोनों के मन मिले और दिल मिला ..और दोनों ने कलेक्ट्रेट न्यायलय पहुंचकर रजिस्ट्री विवाह करने की ठानी और दोनों परिवार के सभी सदस्यों से सहमति लेते हुए शादी के बंधन में बंध गए .इधर इस खूबसूरत जोड़े को बधाई देने अधिवक्ता संघ के साथ ही परिचित लोग भी मौजूद रहे.और इस विवाह को सबने खूबसूरत विवाह भी बताया हैइधर 70 साल के तरायल डेनियल और 62 साल की अन्नमा इस विवाह से काफी खुश है और उम्र के इस पड़ाव में एक दूसरे का साथ देने और एक दूसरे का ख्याल रखने की बात भी कही है।
जगदलपुर में पहला मामला
जगदलपुर शहर में यह पहला मामला है जब 70 साल की उम्र में अपनी पसंद से किसी वरिष्ठ नागरिक ने रजिस्ट्री विवाह किया है ,इस शादी से दोनों काफी खुश है, वहीं दोनों के परिवार वालों की भी पूरी रजामंदी है, अधिवक्ता मनीषा खरे ने बताया कि तरायल डेनियल ने और अनम्मा ने उनसे संपर्क किया इसके बाद कलेक्ट्रेट के अपर न्यायालय में दोनों का रजिस्ट्री विवाह किया गया, इस दौरान पूरे अधिवक्ता संघ के सभी सदस्य मौजूद रहे, इस तरह का बस्तर में पहला मामला होने की वजह से सभी ने काफी खुशी जाहिर की है।