अंबिकापुर: दस साल पुराने बाल यौन शोषण के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पास्को एक्ट) ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।यौन शोषण के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट पास्को एक्ट कमलेश जगदल्ला की अदालत में सजा दी गई।
दरअसल यह घटना 2015 में कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र की है, जहां स्कूल के चपरासी संजय नामदेव और अशोक चौधरी ने एक नाबालिग के साथ जबरन अप्राकृतिक कृत्य किया था।
पहले भी हो चुकी है एक आरोपी को सजा
इस मामले में संजय नामदेव को 2018 में ही अदालत ने दोषी करार देते हुए सजा सुना दी थी। अब अदालत ने अशोक चौधरी को पास्को एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत 20 साल की सश्रम कारावास की सजा दी है।