बिगुल डेस्क। उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील पर बादल फटने से बुधवार को तीस्ता नदी बेसिन में अचानक बाढ़ (Flash Flood) आ गई। राज्य सरकार ने बुधवार को जानकारी देते हुए बाताया कि सिक्किम में बुधवार तड़के आई बाढ़ से अब तक 14 लोगों की मौत हो गई है। 14 मृतकों में सभी आम नागरिक हैं। वहीं इस बाढ़ में अबतक 100 से ज्यादा लोग लापता चल रहे हैं और 26 अन्य घायल बताए जा रहे हैं।



राज्य के विभिन्न हिस्सों में 3,000 से अधिक पर्यटकों के फंसे होने की आशंका है। चुंगथांग में तीस्ता स्टेज 3 बांध में काम करने वाले कई मजदूर अभी भी बांध की सुरंगों में फंसे हुए हैं। मंगन जिले के चुंगथांग और गंगटोक जिले के डिक्चु, सिंगतम और पाक्योंग जिले के रंगपो से लोगों के घायल होने और लापता होने की सूचना मिली है।

मिली जानकारी के अनुसार, मौसम अनुकूल होने पर चुंगथांग के लिए एनडीआरएफ की टीम को हवाई मार्ग से भेजा जाएगा। इसके बाद राज्य में फंसे पर्यटकों को भी निकाला जाएगा। उनकी अध्यक्षता में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक हुई। सिक्किम के मुख्य सचिव वीबी पाठक भी इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। इसमें अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान के साथ ही राहत और बचाव कार्य को लेकर चर्चा की गई।

सिक्किम के मुख्य सचिव वीबी पाठक द्वारा साझा की गई जानकारी में उन्होंने बताया कि ल्होनाक झील में मंगलवार रात करीब 10:42 बजे बादल फट गया। इसके बाद झील ने अपने तटबंध को तोड़ दिया और तीस्ता नदी की ओर रुख कर लिया। पानी का बहाव जल्द ही तीस्ता बेसिन के विभिन्न हिस्सों में तेजी से बढ़ा। विशेष रूप से चुंगथांग में चिंताजनक स्तर रहा जहां तीस्ता स्टेज 3 बांध टूट गया था।

सिक्किम में आए बाढ़ के कारण कई सड़क और पुल पानी के तेज बहाव में बह गए। राज्य में संचार व्यवस्था ठप हो गई है जिसकी वजह से मुश्किलें बढ़ गई हैं। गंगटोक से लगभग 73 किलोमीटर दूर उत्तर चीन सीमा से सटी ग्लेशियर झील ल्होनक पहले से भरी थी। दो दिन से बारिश हो रही थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *