प्रदेश में शासन प्रशासन बाल श्रम को रोकने के लिए कानून और नीतियां बनाई है पर बलरामपुर के लुरगी गांव से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो इन तमाम शासन प्रशासन के नियम कायदों का पोल खोलकर रख दी है एक तरफ सरकारी कागजों पर दावा किया जाता है कि बाल श्रम पूरी तरह से थम गया है तो तस्वीर से साफ जाहिर होता है कि बाल श्रम सिर्फ तो कागजों पर हीं रुका है जब मैं हकीकत कुछ और ही है।

दरअसल जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड कार्यालय से लगे लुरगी पंचायत का पूरा मामला है जहां 14 वां वित के तहत गांव में सड़क पर मुरामीकरण कराया गया था जिसे नाबालिक बच्चों के द्वारा समतल कराया जा रहा था मौके पर मौजूद वार्ड पंच ने बताया की काम कर रहे बच्चे 12- 13 साल के हैं काम करने के लिए पंचायत के सरपंच और सचिव के द्वारा कहा गया है, नाबालिक श्रमिकों को यह भी नहीं मालूम है कि उन्हें इसका मजदूरी कितना मिलेगा, सरपंच सचिव प्रशासन के उन नियम कानून पर पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यह तस्वीर साफ तौर पर यह ग्रामीण क्षेत्रों में बयां कर रही है।

बता दें बाल श्रम एक समाज के लिए मौजूदा तौर पर गंभीर समस्या बन गया है बाल श्रम की वजह से बच्चों पर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है इतना ही नहीं उनके भविष्य को भी खतरे में डालती है तस्वीर में दिख रहे यह बाल श्रमिक स्कूल ड्रेस कोड में सड़क पर काम कर रहे हैं बच्चो का कहना है कि स्कूल में इनका नाम नहीं है जब स्कूल में नाम नहीं है तो ड्रेस कैसे मिला तो उनका कहना है घर पर पड़ा था जिसे पहन कर काम करने आए हैं यह बड़ा सवाल है कि 12 से 13 साल हो गए और स्कूल ड्रेस पहन कर बच्चे घूम रहे हैं काम कर रहे हैं लेकिन विद्यालय में इनका नाम क्यों नहीं है आखिर लापरवाही किसकी है जिसे इनका भविष्य अंधकार हो रहा है।

वहीं पूरे मामले पर जब जिले के लेबर कोर्ट डिपार्टमेंट के श्रम निरीक्षक से बात की गई तो उनका कहना है कि इस तस्वीर में जो भी बच्चे काम करते देखे जा रहे हैं जिसकी जांच की जाएगी और वह अगर १८ वर्ष से कम पाए गए तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी संबंधित स्कूल की अध्यापक एवं पंचायत के सरपंच सचिव के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं देखना या होगा कि कार्यवाही वास्तव में होती है या फिर कार्रवाई के नाम पर इतिश्री कर ली जाती है बहरहाल शासन प्रशासन के नियम कानून के बावजूद भी यह तस्वीर दर्शाती है कि बाल श्रम पर रोक के लिए और भी काम करने की आवश्यकता है।

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